Online Puja & Pandit Booking
+91 91115 12346

भड़ली नवमी

भड़ली नवमी 2026: अबूझ मुहूर्त और सौभाग्य का महासंयोग

भड़ली नवमी (जिसे भड़ल्या नवमी भी कहा जाता है) हिंदू धर्म में एक अत्यंत शुभ और 'स्वयं सिद्ध' तिथि मानी जाती है। यह दिन उन लोगों के लिए ईश्वर का वरदान है जो किसी शुभ कार्य के लिए सटीक मुहूर्त की प्रतीक्षा कर रहे हैं। वर्ष 2026 में यह तिथि अपनी विशिष्टता के कारण और भी महत्वपूर्ण हो गई है।

वर्ष 2026: तिथि और शुभ मुहूर्त

वर्ष 2026 में भड़ली नवमी जुलाई के महीने में मनाई जाएगी। यह चातुर्मास प्रारंभ होने से पहले मांगलिक कार्यों का अंतिम अवसर होगा।

  • मुख्य तिथि: बुधवार, 22 जुलाई 2026
  • नवमी तिथि प्रारम्भ: 22 जुलाई, 2026 को सुबह 05:16 बजे
  • नवमी तिथि समाप्त: 23 जुलाई, 2026 को सुबह 07:03 बजे
  • महत्व: 22 जुलाई को सूर्योदय से लेकर अगले दिन के सूर्योदय तक लगभग पूरा दिन 'अबूझ मुहूर्त' रहेगा, जिसमें किसी भी प्रकार के मांगलिक कार्य के लिए पंचांग देखने की आवश्यकता नहीं है।

वर्ष 2026 के महत्वपूर्ण ज्योतिषीय संयोग

2026 की भड़ली नवमी कई विशेष खगोलीय घटनाओं के बीच आ रही है:

  1. बुधवार का संयोग: यह पर्व बुधवार को पड़ रहा है, जो भगवान गणेश (विघ्नहर्ता) और बुद्धि के कारक बुध देव का दिन है। यह व्यापारिक प्रतिष्ठानों के शुभारंभ और नई शुरुआत के लिए सर्वोत्तम है।
  2. गुप्त नवरात्र का समापन: आषाढ़ मास के गुप्त नवरात्र की नवमी तिथि होने के कारण, इस दिन शक्ति और भक्ति का अनूठा संगम होगा।
    ग्रहों की स्थिति: इस दिन चंद्रमा और मंगल की स्थिति 'लक्ष्मी योग' का निर्माण कर रही है, जो आर्थिक उन्नति और संपत्ति खरीदने के लिए अत्यंत लाभकारी है।

पौराणिक पृष्ठभूमि: क्यों है यह दिन इतना खास?

भगवान विष्णु का अंतिम आशीर्वाद:

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भड़ली नवमी के ठीक दो दिन बाद 'देवशयनी एकादशी' आती है, जब भगवान विष्णु चार महीने की योग निद्रा में चले जाते हैं। माना जाता है कि निद्रा में जाने से पूर्व, भगवान विष्णु पृथ्वी पर अपनी समस्त शुभ शक्तियाँ और 'अमोघ आशीर्वाद' प्रवाहित करते हैं। इसलिए इस दिन किया गया कोई भी विवाह, गृह प्रवेश या गठबंधन कभी विफल नहीं होता।

भड़ली नवमी पर विशेष आयोजन

वर्ष 2026 में इस दिन देश भर में निम्नलिखित आयोजन प्रमुख रहेंगे:

  • विवाह उत्सव: चूंकि इसके बाद चार महीने तक विवाह वर्जित रहेंगे, इसलिए 22 जुलाई को विवाहों की भारी संख्या देखने को मिलेगी।
  • गृह प्रवेश और मुंडन: नए घर में प्रवेश या बच्चों के मुंडन संस्कार के लिए यह 'स्वयं सिद्ध' दिन है।
  • व्यापारिक शुरुआत: बुधवार का दिन होने के कारण नया कार्यालय या दुकान खोलना सफलता की गारंटी माना जा रहा है।

सम्पूर्ण पूजन विधि

इस शुभ दिन पर आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त करने के लिए:

  • स्नान और संकल्प: 22 जुलाई की सुबह 05:16 बजे के बाद स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें और शुभ कार्य का संकल्प लें।
  • विष्णु-लक्ष्मी पूजन: भगवान विष्णु को पीले वस्त्र और माता लक्ष्मी को लाल चुनरी अर्पित करें। 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप करें।
  • गंगा जल छिड़काव: पूरे घर और व्यावसायिक स्थल पर गंगा जल छिड़कें।
  • अखंड दीपक: संभव हो तो पूरे दिन और रात घर में घी का दीपक जलाए रखें।

दान, सेवा और ज्योतिषीय लाभ

  1. दोष मुक्ति: यदि कुंडली में विवाह का योग न बन रहा हो, तो इस दिन की पूजा और दान से बड़े से बड़े ग्रह दोष शांत हो जाते हैं।
  2. अक्षय पुण्य: इस दिन प्याऊ लगवाना, छाता दान करना और चप्पल दान करना 2026 की भीषण गर्मी और वर्षा के संक्रमण काल में अत्यंत पुण्यकारी है।
  3. गौ सेवा: काले तिल के लड्डू और हरा चारा गाय को खिलाने से राहु-शनि के दोष दूर होते हैं।

निष्कर्ष

भड़ली नवमी 2026 (22 जुलाई) हिंदू संस्कृति के उस लचीलेपन का प्रतीक है, जहाँ श्रद्धा पंचांग की जटिलताओं से ऊपर होती है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि ईश्वर की कृपा हर उस संकल्प में साथ है जो पवित्र मन से लिया गया हो। चाहे आप नया जीवन शुरू करने जा रहे हों या नया उद्यम, भड़ली नवमी की सकारात्मक ऊर्जा आपके हर कदम को सफल बनाएगी।

"भगवान श्री हरि और माँ लक्ष्मी आप सभी के संकल्पों को सिद्ध करें।"

For Customer
Login Register
Join as Partner

Become Pandit, Agent or Associate
Click below button to register or login

Join as Partner

For any query call us:

+91 9111512346
Your Cart

Your cart is currently empty.
Let us help you find the perfect item!