मां बगलामुखी हवन
शुद्ध सात्विक रूप में मां बगलामुखी संसार का कल्याण करने वाली देवी हैं। मां बगलामुखी हवन सनातन धर्म में एक प्रमुख धार्मिक कार्य है। इस हवन में मां बगलामुखी की पूजा की जाती है। हवन के दौरान विशेष मंत्रों का जाप किया जाता है, जो शक्तिशाली माने जाते हैं । इस हवन के पूरा होने के बाद, देवी बगलामुखी अपने भक्तों को जीवन की सभी परेशानियों से लड़ने और सुख और धन से भरपूर जीवन जीने की शक्ति प्रदान करती हैं। इस हवन से भक्तो के शत्रु भी नष्ट हो जाते हैं और भक्त के चारों ओर कोई भी बुरी शक्ति नहीं घूमती है।
Puja starts from ₹501.00
Puja Duration: 1 hour
Culture/Rituals: Hindi
Puja Samagri: View Samagri List
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मां बगलामुखी हवन करने से भक्तों का मानसिक और आध्यात्मिक विकास भी होता है। भक्तों को इससे शांति और संतोष की अनुभूति होती है। मां बगलामुखी हवन मां बगलामुखी देवी की पूजा का एक विशेष अनुष्ठान है। यह हवन कई धार्मिक लाभों और महत्व के लिए किया जाता है। मां बगलामुखी की साधना प्रायः शत्रु भय से मुक्ति और वाकसिद्धि के लिये की जाती है। माता स्वयं पीली आभा से युक्त हैं और इनकी पूजा में पीले रंग का विशेष प्रयोग होता है। हवन करते समय हवन या अग्नि यज्ञ करने की प्रथा है। अग्नि को औपचारिक रूप से जलाया जाता है। यह अग्नि देव को आमंत्रित करने का प्रतीक है। तत्पश्चात जब मंत्रों का जाप किया जाता है, तो मंत्र के अंत में घी या हवन सामग्री (जड़ी-बूटियों और घी का मिश्रण) के रूप में अर्पण किया जाता है।
हवन विधि
हवन कुंड के पास धूप-दीप जलाएं करें और एक स्वस्तिक बनाकर नाड़ा बांधें और पूजा करें। अब हवन कुंड में आम की लकड़ी रखकर जलाएं। अब हवन कुंड की अग्नि में हविष्य की आहुति देते समय मंत्रों का जाप करें। हवन में गूगल और तिल डालने से जेल से मुक्ति मिलती है। धन प्राप्ति के लिए पश्चिम की ओर मुंह करके हवन करना चाहिए। संतान सुख के लिए अशोक और कनेर के पत्तों से हवन करना चाहिए। सभी रोगों से छुटकारा पाने के लिए कुम्हार के चाक की मिट्टी, एक हाथ लंबाई की अरंड की लकड़ी, शहद या चीनी में भुना हुआ चावल से हवन करना चाहिए। हरिताल, नमक और हल्दी से हवन करने से शत्रुओं को निष्प्रभावित किया जाता है।
Puja Samagri List
चौकी 1
दूध 250 ग्राम
दही 250 ग्राम
मिठाई 500 ग्राम
फल 500 ग्राम
दुब
पान के पत्ते 7
फूल 100 ग्राम
फूल माला 7
आम के पत्ते 21
बेलपत्र 5
नारियल 1
कलश 2
तुलसी के पत्ते 7
शमी पत्र 5
थाली 2
कटोरी 5
लोटा 2
चम्मच 2
दीपक 5
हवन लकड़ी 2 किलो
रोली 10 रु
कलावा 1 नग
सिन्दूर 10 रु
इलाइची 10 रु
सुपारी 10 रु
हल्दी 10 रु
अबीर 10 रु
गुलाब जल 1 शीशी
इत्र 1 शीशी
शहद 1 शीशी
धूपबत्ती 1 पैकेट
रुईबत्ती 1 पैकेट
पीला सरसों 250 ग्राम
देशी घी 250 ग्राम
कपूर 50 ग्राम
जौ 50 ग्राम
पंचमेवा 100 ग्राम
सफेद चन्दन 20 ग्राम
लाल चन्दन 20 ग्राम
अष्टगन्ध 20 ग्राम
सूखा नारियल 1
चावल 500 ग्राम
मिश्री 100 ग्राम
पीला कपड़ा 2 मीटर
काली तिल 100 ग्राम
कमलगट्टा 50 ग्राम
हवन सामग्री 500 ग्राम
गुग्गुल 100 ग्राम
गुड़ 250 ग्राम
काली उडद 200 ग्राम
नवग्रह 1 पैकेट
हवन समिधा 1 पैकेट
Additional Information
हवन हमारी संस्कृति में एक सनातन काल से चला आ रहा एक अनादि महानुष्ठान है। इससे देवी-देवता, मनुष्य अर्थात संसार के सभी प्राणियों का जनकल्याण होता है। हवन की अग्नि से उत्पन्न होने वाली ऊर्जा मनुष्य के अंर्तमन को देवत्व से जोड़ती है। जिस भी स्थान पर हवन होते हैं, वह भूमि एवं प्रदेश सुसंस्कारों की छाप अपने अन्दर धारण कर लेता है और वहाँ जाने वालों पर दीर्घकाल तक प्रभाव डालता रहता है। जिन घरों में, जिन स्थानों में हवन होते हैं। वह भी एक प्रकार का तीर्थ बन जाता है और वहाँ जिनका आगमन रहता है। उनकी मनोभूमि उच्च, सुविकसित एवं सुसंस्कृत बनती हैं।

