हनुमान जन्मोत्सव

हनुमान जन्मोत्सव हिंदू धर्म में हनुमान जी के जन्म की खुशी में मनाया जाने वाला एक प्रमुख पर्व है। इसे हनुमान जयंती भी कहा जाता है। यह पर्व विशेष रूप से भारत के विभिन्न हिस्सों में धूमधाम से मनाया जाता है, खासकर उत्तर भारत और दक्षिण भारत में। हनुमान जयंती चंद्रमास के अनुसार, विक्रम संवत कैलेंडर के चैत्र माह की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। हनुमान जयंती का महत्व मुख्य रूप से भगवान हनुमान के अद्भुत बल, साहस, भक्ति और त्याग के कारण है। उन्हें शक्ति, साहस, भक्ति, और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है।

Puja starts from ₹501.00

Puja Duration: 1 hour

Culture/Rituals: Hindi

 

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भगवान हनुमान प्रभु श्री राम के अनन्य भक्त और सखा माने जाते है। इसलिए वे भक्त के श्री राम नाम के स्मरण मात्र से ही प्रसन्न हो जाते है। उन्हें भगवान शिव का अवतार माना गया है, जो अपने स्वामी श्री राम की सेवा करने आए थे। हनुमान 'चिरंजीवी' (चिरकाल तक जीवित रहने वाले) है। उन्हें यह वरदान उनके स्वामी श्री राम ने दिया है। हनुमान जी पर माता सीता का भी विशेष स्नेह है। माता सीता ने ही उन्हें अपना पुत्र जानकर उन्हें अष्ट सिद्धि नव निधि का वरदान दिया है।

हनुमान जी बचपन से ही दिव्य होने के साथ-साथ असीमित शक्तियों के स्वामी है। बचपन में सभी देवताओं से मिली शक्तियों से वे बहुत उद्दंड हो गए थे और ऋषि मुनियों को सताया करते थे। वो उनकी पूजा सामग्री और आदि कई वस्तुओं को छीन-झपट लेते थे। उनके इस नटखट स्वभाव से रुष्ट होकर साधुओं ने उन्हें अपनी शक्तियों को भूल जाने का एक लघु शाप दे दिया। इस शाप के प्रभाव से हनुमान अपनी सब शक्तियों को अस्थाई रूप से जाते है। लेकिन उन्हें यह भी वरदान दिया कि जब उन्हें पुनः किसी अन्य के स्मरण कराने पर ही उन्हें अपनी असीमित शक्तियों का स्मरण हो जाएगा।

  1.  स्नान और शुद्धता: सबसे पहले प्रातः स्नान करके शरीर को शुद्ध करें। फिर स्वच्छ वस्त्र पहनें और पूजा के स्थान को भी स्वच्छ करें।

  2. पुजन स्थान का चयन: घर के एक शांत और साफ स्थान पर एक चौकी रखें और उस पर हनुमान जी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। यदि मूर्ति नहीं है तो हनुमान जी का चित्र भी रखें।

  3. पुजन सामग्री: पूजा के लिए आवश्यक सामग्री में एक थाली, दीपक, अगरबत्ती, पुष्प, चंदन, कपूर, पंखा, शहद, घी, मिठाई, नारियल, सिंदूर, और लाल रूमाल शामिल करें। साथ ही, हनुमान चालीसा या हनुमान अष्टकशक्ति और रामायण या हनुमान के जीवन से संबंधित पाठ सामग्री भी रखें।

  4. दीपक जलाना: सबसे पहले एक दीपक जलाएं और उसकी लौ को हनुमान जी के चित्र या मूर्ति के सामने रखें।

  5. पुष्प अर्पित करना: हनुमान जी को लाल रंग के फूल अर्पित करें, क्योंकि लाल रंग भगवान हनुमान के प्रिय रंगों में से एक है।

  6. हनुमान चालीसा का पाठ: हनुमान चालीसा का पाठ बहुत महत्वपूर्ण है। इस दिन विशेष रूप से 108 बार हनुमान चालीसा का पाठ करना शुभ माना जाता है। यदि 108 बार पाठ करना संभव न हो, तो कम से कम एक बार जरूर पढ़ें।

  7. कपूर और सिंदूर अर्पित करें: हनुमान जी को सिंदूर अर्पित करना विशेष रूप से शुभ माना जाता है। सिंदूर का तिलक करने के बाद कपूर जलाकर उसकी खुशबू वातावरण में फैलाएं।

  8. भोग अर्पित करना: भगवान हनुमान को लड्डू, गुड़, चने, नारियल, मिठाई और शहद का भोग अर्पित करें। हनुमान जी को ये विशेष रूप से प्रिय हैं।

  9. आरती: पूजा के बाद हनुमान जी की आरती करें। आप "हनुमान जी की आरती" का पाठ कर सकते हैं या घर में उपलब्ध कोई अन्य आरती गा सकते हैं।

  10. प्रसाद वितरण: पूजा के बाद जो प्रसाद बचता है, उसे सभी परिवारजनों में वितरित करें और सभी को आशीर्वाद दें।

Puja Samagri List

Yajman Samagri (यजमान के द्वारा की जाने वाली सामग्री)
  • दूध 250 ग्राम
  • दही 250 ग्राम
  • शक्कर 500 ग्राम
  • आम पत्ते 10 पत्ते
  • केले पत्ते 5 पत्ते
  • बेल पत्ते 21 पत्ते
  • समी पत्ते 11 पत्ते
  • पान पत्ते 5 पत्ते
  • माला 2 माला
  • फूल 250 ग्राम
  • मिठाई 500 ग्राम
  • फल 1 किलो
  • थाली 2 नग
  • कटोरी 5 कटोरी
  • ताँबे के लोटे 2 नग
  • दुब
  • लकड़ी का पटा 1 नग
Other Samagri (अन्य सामग्री)
  • अबीर 10 रु
  • गुलाल 10 रु
  • रोली 10 रु
  • सिंदूर 10 रु
  • अष्टगंद 15 रु
  • हल्दी 15 रु
  • गोल सुपारी 100 ग्राम
  • जनेऊ 5 नग
  • रक्क्षा सूत्र 1 नग
  • नारियल 2 नग
  • इत्र 1 शीशी
  • कपूर 100 ग्राम
  • लाल कपडा 1 मीटर
  • वाइट कपडा 1 मीटर
  • चावल 100gm
  • अगरबत्ती 1 पैकेट
  • धुप बत्ती 1 पैकेट
  • फूल बत्ती 1 पैकेट
  • घी 200 ग्राम
  • शहद 10 रु
  • गंगाजल 1 शीशी
  • पंचमेवा 1 पैकेट
  • माचिस 1
  • लौंग 10 रु
  • इलायची 10 रु

Additional Information

विशेष

इस दिन हनुमान जी का ध्यान करते समय उनके बल, साहस, भक्ति और शक्ति की पूजा करें। उनका आदर्श जीवन, श्रीराम के प्रति अडिग भक्ति और हर संकट में मदद करने की भावना को आत्मसात करें। हनुमान जी का तात्पर्य शक्ति और समर्पण से है, इसलिए इस दिन उनके प्रति अपनी श्रद्धा और भक्ति को बढ़ाएं। यह पूजा विधि हनुमान जयंती के दिन भगवान हनुमान की कृपा प्राप्त करने और उनके आशीर्वाद से जीवन में शक्ति और शांति लाने के लिए प्रभावी मानी जाती है।