गृह प्रवेश

वास्तु शास्त्र के अनुसार, परिवार की भलाई के लिए नए घर में गृह प्रवेश पूजा जरूर करनी चाहिए। गृह प्रवेश पूजा के कुछ लाभ यहां दिए गए हैं। गृह प्रवेश मुहूर्त पर पूजा करने से बुरी शक्तियां घर से दूर रहती हैं और सकारात्मक ऊर्जा आती है। गृह प्रवेश अनुष्ठान के द्वारा घर का वातावरण पवित्र और आध्यात्मिक बना रहता है। यह घर के निवासियों के लिए समृद्धि, सौभाग्य और अच्छा स्वास्थ्य लाता है। गृह प्रवेश पूजा करने से परिवार पर देवी-देवताओं का आशीर्वाद बना रहता है।

Puja starts from ₹1001.00

Puja Duration: 2

Culture/Rituals: Hindi

 

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गृह प्रवेश पूजा क्यों करनी चाहिए?

  • गृह प्रवेश मुहूर्त पर पूजा करने से बुरी शक्तियों से घर की सुरक्षा सुनिश्चित होती है और सकारात्मक ऊर्जा आती है।
  • गृह प्रवेश अनुष्ठान पवित्र और दिव्य वातावरण बनाते हुए घर, उसके आस-पास और हवा को शुद्ध और आध्यात्मिक बनाने में मदद करता है।
  • यह घर के निवासियों के लिए समृद्धि, सौभाग्य और अच्छा स्वास्थ्य लाता है।
  • गृह प्रवेश अनुष्ठान करने से किसी के जीवन के नए चरण में आने वाली समस्याओं को दूर किया जा सकता है।
  • गृह प्रवेश पूजा घर के निवासियों की सुरक्षा के लिए देवताओं के आशीर्वाद और नौ ग्रहों का आह्वान करने और अशुभ घटनाओं को रोकने में मदद करती है।
  • ऐसी मान्यता है कि शुभ मुहूर्त पर गृह प्रवेश की पूजा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होताहै और घर से सभी प्रकार की बुरी शक्तियों और नेगेटिव एनर्जी बाहर होती है।

गृह प्रवेश पूजा कब करनी चाहिए?

हिंदू मान्यता के अनुसार गृह प्रवेश के लिए साल माघ, फाल्गुन, ज्येष्ठ और वैशाख के महीने को बहुत ज्यादा शुभ माना गया है. ऐसे में यदि संभव हो तो गृह प्रवेश के लिए इन्हीं महीने की शुभ तिथियों का चुनाव करें. पंचांग के अनुसार गृह प्रवेश के लिए किसी भी मास के शुक्लपक्ष की द्वितीया, तृतीया, पंचंमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, और त्रयोदशी तिथि को बहुत ज्यादा शुभ माना गया है. नये घर में प्रवेश करते समय शुभ मास और शुभ तिथि के साथ शुभ दिन का भी विचार करना चाहिए. हिंदू मान्यता के अनुसार रविवार, शनिवार और मंगलवार के दिन भूलकर भी गृह प्रवेश नहीं करना चाहिए. गृह प्रवेश के लिए सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को शुभ माना गया है. नये घर में प्रवेश करते समय सभी विघ्नों को हरने वाले और सुख-सौभाग्य प्रदान करने वाले देवता भगवान गणेश, वास्तु देवता और पितरों की विधि-विधान से पूजा करनी चाहिए. हिंदू मान्यता के अनुसार नये घर में प्रवेश करते समय हमेशा अपना दायां पैर पहले रखना चाहिए. यदि इस नियम को आगे भी अपना सकें तो बेहतर रहता है. यदि विवाहित हैं तो गृह प्रवेश की पूजा कभी अकेले नहीं करना चाहिए. हिंदू मान्यता के अनुसार गृह प्रवेश की पूजा हमेशा अपने जीवनसाथी के साथ करना चाहिए.

गृह प्रवेश पूजा विधि

घर को बंदनवार, रंगोली, फूलों से सजाना चाहिए। मंगल कलश में शुद्ध जल भरकर उसमें आम या अशोक के आठ पत्तों के बीच नारियल रखें। कलश व नारियल पर कुम-कुम से स्वस्तिक का चिन्ह बनाएं। नए घर में प्रवेश के समय घर के स्वामी और स्वामिनी को पांच मांगलिक वस्तुएं नारियल, पीली हल्दी, गुड़, चावल, दूध अपने साथ लेकर नए घर में प्रवेश करना चाहिए। भगवान गणेश की मूर्ति, दक्षिणावर्ती शंख, श्री यंत्र को गृह प्रवेश वाले दिन घर में ले जाना चाहिए। मंगल गीतों के साथ नए घर में प्रवेश करना चाहिए। पुरुष पहले दाहिना पैर तथा स्त्री बांया पैर बढ़ा कर नए घर में प्रवेश करें। इसके बाद भगवान गणेश का ध्यान करते हुए गणेश जी के मंत्रों के साथ घर के ईशान कोण में या फिर पूजा घर में कलश की स्थापना करें। इसके बाद रसोई घर में भी पूजा करनी चाहिये। चूल्हे, पानी रखने के स्थान और स्टोर आदि में धूप, दीपक के साथ कुम-कुम, हल्दी, चावल आदि से पूजन कर स्वास्तिक चिन्ह बनाना चाहिये। रसोई में पहले दिन गुड़ व हरी सब्जियां रखना शुभ माना जाता है। चूल्हे को जलाकर सबसे पहले उस पर दूध उफानना चाहिये, मिष्ठान बनाकर उसका भोग लगाना चाहिये। घर में बने भोजन से सबसे पहले भगवान को भोग लगायें। गौ माता, कौआ, कुत्ता, चींटी आदि के निमित्त भोजन निकाल कर रखें। इसके बाद ब्राह्मण को भोजन करायें या फिर किसी गरीब भूखे आदमी को भोजन करा दें। मान्यता है कि ऐसा करने से घर में सुख, शांति व समृद्धि आती है व हर प्रकार के दोष दूर हो जाते हैं।

Puja Samagri List

Home Samagri (यजमान के द्वारा की जाने वाली सामग्री)

दही 500 ग्राम

आम पत्ते 70 पत्ते

केले पत्ते 10 पत्ते

बेल पत्ते 31 पत्ते

समी पत्ते 11 पत्ते

पान पत्ते 12 पत्ते

फूल + माला 7 माला

मिठाई 1 किलो

फल 2 किलो

थाली 5 नग

कटोरी 11 कटोरी

ताँबे के लोटे 10 नग

दुब

हवन कुंड 1 नग

लकड़ी के पटे 8 नग

मिट्टी के घड़े 3 नग

मिट्टी के बड़े दीपक 3 नग

नाग फनी कील 4 नग

दूध 1 किलो

Other Samagri (अन्य सामग्री)

अबीर 15 रु

गुलाल 15 रु

रोली 15 रु

सिंदूर 15 रु

हल्दी 15 रु

गोल सुपारी 200 ग्राम

खरक 100 ग्राम

बादाम 100 ग्राम

हल्दी की गाठें 100 ग्राम

जनेऊ 11 नग

रक्क्षा सूत्र 2 नग

नारियाल 10 नग

इत्र 1 शीशी

कपूर 300 ग्राम

लाल कपडा 2 मीटर

सफेद कपडा 2 मीटर

गेहू 1 किलो

चावल 2 किलो

चावल 2 किलो

धुप बत्ती 1 पैकेट

फूल बत्ती 1 पैकेट

घी 1 किलो

शहद 10 रु

शक्कर 1 किलो

गंगाजल 1 शीशी

हवन समाग्री 1 किलो 500 ग्राम

हवन लकड़ी 8 पैकेट

नवग्रह लकड़ी 1 पैकेट

नारियल गोला 1 गोला

माचिस 1

लौंग 10 रु

इलाइची 10 रु

कच्चा सूत्र 4 नग

मुंग दाल 500 ग्राम

तुअर दाल 500 ग्राम

मसूर दाल 500 ग्राम

उड़द दाल 500 ग्राम

पांच रंगी झंडा 1 नग

पीला कपडा 1 मीटर

कला कपडा 1 मीटर

मिट्टी की दिये 11 नग

Additional Information

इन बातों का रखें ध्यान

माघ, फाल्गुन, वैशाख, ज्येष्ठ माह को गृह प्रवेश के लिये सबसे सही समय बताया गया है। आषाढ़, श्रावण, भाद्रपद, आश्विन, पौष इसके लिहाज से शुभ नहीं माने गए हैं। मंगलवार के दिन भी गृह प्रवेश नहीं किया जाता विशेष परिस्थितियों में रविवार और शनिवार के दिन भी गृह प्रवेश वर्जित माना गाया है। सप्ताह के बाकि दिनों में से किसी भी दिन गृह प्रवेश किया जा सकता है। अमावस्या व पूर्णिमा को छोड़कर शुक्लपक्ष 2, 3, 5, 7, 10, 11, 12, और 13 तिथियां प्रवेश के लिये बहुत शुभ मानी जाती हैं।